गांधी जैसा व्यक्ति शताब्दियों में कभी-कभी पैदा होता है !!!
दिल्ली !
२८ जून १९८७ !
मध्यान्ह में महात्मा गांधी की हत्या करनेवाले
नाथूराम गोडसे का भाई गोपाल गोडसे आया |
उसने एक पुस्तक " गांधीवध क्यों " भेंट की |
वह पुस्तक के बारे में बात करने लगा |
मैंने वार्ता पर पूर्णविराम लगाते हुए कहा -
" आप मुझे क्या समझाना चाहते हैं |
गांधी की हत्या ऐसा पाप है,
जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता |
गांधी जैसा व्यक्ति शताब्दियों में कभी-कभी पैदा होता है |
- गणाधिपति गुरुदेवश्री तुलसी
दिल्ली !
२८ जून १९८७ !
मध्यान्ह में महात्मा गांधी की हत्या करनेवाले
नाथूराम गोडसे का भाई गोपाल गोडसे आया |
उसने एक पुस्तक " गांधीवध क्यों " भेंट की |
वह पुस्तक के बारे में बात करने लगा |
मैंने वार्ता पर पूर्णविराम लगाते हुए कहा -
" आप मुझे क्या समझाना चाहते हैं |
गांधी की हत्या ऐसा पाप है,
जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता |
गांधी जैसा व्यक्ति शताब्दियों में कभी-कभी पैदा होता है |
- गणाधिपति गुरुदेवश्री तुलसी