साधना में मुख्यतया ४ बातों की अपेक्षा होती है -
१. लक्ष्य की स्पष्टता
२. पूर्ण निष्ठा
३. मार्ग की स्पष्टता
४. लक्ष्य के लिए सब कुछ बलिदान, लक्ष्य के लिए सब कुछ समर्पण और शरीर का भी विस्मरण |
~ आचार्य श्री तुलसी
१. लक्ष्य की स्पष्टता
२. पूर्ण निष्ठा
३. मार्ग की स्पष्टता
४. लक्ष्य के लिए सब कुछ बलिदान, लक्ष्य के लिए सब कुछ समर्पण और शरीर का भी विस्मरण |
~ आचार्य श्री तुलसी
No comments:
Post a Comment