भविष्यवाणी !!!
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वि.स. १९९३ की बात है |
आचार्यश्री तुलसी आचार्य बने ही थे |
उन्हीं दिनों बीकानेर के श्रावक भंवरलालजी रामपुरिया
परम साधक श्री शान्तिविजयजी सूरि के दर्शनार्थ आबू गए |
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श्री सूरिजी ने उनके समक्ष भविष्यवाणी की थी कि
" आचार्य तुलसी,
जो अभी-अभी आचार्य बने हैं,
* एक दशक में अपने संघ की प्रतिभा का अद्वितीय निखार करेंगे |
* दुसरे दशक में समग्र जैन समाज पर उनका आशातीत प्रभाव पड़ेगा |
* तीसरे और चौथे दशक में क्रमशः हमारे देश में और
अंतरराष्ट्रीय जगत में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी |
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वि.स. १९९३ की बात है |
आचार्यश्री तुलसी आचार्य बने ही थे |
उन्हीं दिनों बीकानेर के श्रावक भंवरलालजी रामपुरिया
परम साधक श्री शान्तिविजयजी सूरि के दर्शनार्थ आबू गए |
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श्री सूरिजी ने उनके समक्ष भविष्यवाणी की थी कि
" आचार्य तुलसी,
जो अभी-अभी आचार्य बने हैं,
* एक दशक में अपने संघ की प्रतिभा का अद्वितीय निखार करेंगे |
* दुसरे दशक में समग्र जैन समाज पर उनका आशातीत प्रभाव पड़ेगा |
* तीसरे और चौथे दशक में क्रमशः हमारे देश में और
अंतरराष्ट्रीय जगत में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी |
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