Saturday, July 13, 2013

अग्नि के समान !

अग्नि के समान !
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१ जनवरी १९६८
तिरुवन्नामलै |
मद्रास के पूर्व मुख्यमंत्री भक्तवत्सलम् सौन्दरम् कैलाशम्
ने अपने अभिभाषण में कहा -
विश्व में पवित्र करने वाले दो पदार्थ हैं - -
पानी और अग्नि |
पानी दूसरों को पवित्र बनाता है,
पर उनकी गंदगी से स्वयं गन्दा बन जाता है |
अग्नि दूसरों को पवित्र बनाकर भी स्वयं पवित्र रहती है |
आचार्यश्री तुलसी अग्नि के समान औरों को
पवित्र बनाते हुए स्वयं पवित्र रहते हैं |
मैं आपको तिरुवल्लूर का प्रतिरूप मानता हूँ |

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