Thursday, July 11, 2013

लकीर के फ़कीर नहीं थे

लकीर के फ़कीर नहीं थे
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आचार्य तुलसी का नेतृत्व काल पूर्ववर्ती आठ आचार्यों से अधिक प्रलंब रहा |
साथ ही अपने पूर्वजों की अपेक्षा अन्तरंग और बाह्य आलोचनाओं की आंच
में भी वे अधिक तपे |
आलोचना उसकी होती है,
जो पहले न हो और पीछे हो जाए अथवा
उसकी होती है,
जो पहले हो और पीछे मिट जाए |
आचार्य श्री तुलसी ने 
कई नई लकीरें खींचीं और
कईयों में परिवर्तन किया |

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